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बैरिकेड-वेल्डिंग और CRPF… जंतर-मंतर बना हाई सिक्योरिटी ज़ोन

जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के 36वें दिन सुरक्षा और कड़ी कर दी गई। अतिरिक्त बैरिकेड, CRPF तैनाती, 18 डीसीपी की निगरानी और 18 मेट्रो स्टेशन बंद रखने का फैसला लिया गया।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Jantar Mantar Protest: जंतर-मंतर पर जारी छात्रों के आंदोलन के बीच राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर चल रहे प्रदर्शन का शनिवार को 36वां दिन है। इसी बीच सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच प्रस्तावित तीसरे दौर की बातचीत से पहले पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को हाई अलर्ट पर डाल दिया है। अतिरिक्त बैरिकेडिंग, भारी पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ सुरक्षा इंतजामों को पहले से कहीं अधिक मजबूत किया गया है।

बैरिकेडिंग हुई सख्त

दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में नए बैरिकेड लगाए हैं। इन बैरिकेडों को मजबूत जंजीरों से जोड़कर वेल्डिंग की गई है, ताकि किसी भी स्थिति में सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन स्थल पर भीड़ नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारियों के मुताबिक, सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की अतिरिक्त कंपनियां भी दिल्ली भेजी जा रही हैं। आने वाले दिनों में राजधानी में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की बड़ी संख्या तैनात रहने की संभावना है। पहले से मौजूद सुरक्षा बलों के साथ मिलकर ये जवान संवेदनशील इलाकों में निगरानी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का जिम्मा संभालेंगे।

18 डीसीपी तैनात

दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा रणनीति में भी बदलाव किया है। जंतर-मंतर और उससे जुड़े प्रमुख मार्गों की निगरानी के लिए 18 डीसीपी स्तर के अधिकारियों की तैनाती की गई है। प्रत्येक मार्ग की जिम्मेदारी अलग-अलग पुलिस इकाइयों को सौंपी गई है। वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही, परीक्षा से जुड़े मामलों की जांच के लिए गठित विशेष एसटीएफ भी अपनी कार्रवाई जारी रखे हुए है।

18 मेट्रो स्टेशन बंद

सुरक्षा कारणों से शनिवार को भी मध्य दिल्ली के 18 मेट्रो स्टेशन यात्रियों के लिए बंद रखने का निर्णय लिया गया है। हालांकि, राजीव चौक, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय जैसे प्रमुख स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहेगी, ताकि अन्य रूटों पर यात्रा करने वाले लोगों को कम से कम परेशानी हो। लगातार चौथे दिन कई स्टेशनों के बंद रहने से यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है।

वीकेंड पर बढ़ी पाबंदी

प्रशासन ने केवल यातायात ही नहीं, बल्कि अन्य सार्वजनिक व्यवस्थाओं में भी बदलाव किया है। दिल्ली सरकार ने वीकेंड के दौरान शराब की दुकानों के संचालन समय में कटौती करते हुए उन्हें रात 8 बजे तक ही खुला रखने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला पुलिस से मिले सुरक्षा इनपुट के आधार पर लिया गया है, ताकि भीड़ नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में किसी प्रकार की बाधा न आए।

फिलहाल सभी की निगाहें सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच होने वाली अगली वार्ता पर टिकी हैं। प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सतर्क है, जबकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर कायम हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में बातचीत और सुरक्षा दोनों ही इस पूरे घटनाक्रम की दिशा तय करेंगे।

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